‘अनप्लगिंग’ में साथ नजर आएंगे मेट वाल्श, इस्ला फिशर

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अभिनेता मेट वाल्श और अभिनेत्री इस्ला फिशर को कॉमेडी फिल्म ‘अनप्लगिंग’ में साथ नजर आएंगे। फिल्म की कहानी एक ऐसे जोड़े की है जो अपनी शादीशुदा जिंदगी में खोए हुए रोमांस को वापस लाने के लिए एक गांव में छुट्टियां मनाने के लिए जाते हैं।

दोनों को इस बात की उम्मीद रहती है कि शायद सोशल मीडिया, फोन, लैपटॉप इन सारी इलेक्ट्रॉनिक चीजों से दूर रहकर वे इस वक्त का सदुपयोग कर एक-दूसरे को अच्छे से समझने में कामयाब होंगे जिससे उनकी शादी टूटने से बच जाएगी।

डेडलाइन डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, बैड्र मॉरिस के साथ मिलकर वाल्श ने फिल्म की कहानी लिखी है। इस फिल्म के साथ डेबरा नील-फिशर निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखेंगी।

नील-फिशर ने कहा, “जब मुझे यह स्क्रिप्ट भेजी गई थी तब मुझे लगा कि आखिरकार मुझे एक सिनेमैटिक स्टोरी मिल ही गई। मेट और इस्ला जैसे बेहतरीन हास्य कलाकारों के साथ काम करने के लिए मैं काफी उत्साहित हूं जिनकी मदद से मैं ऐसे शानदार किरदार तैयार कर पाऊंगी जिनसे हर कोई खुद को जोड़कर देख पाएगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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