युवाओं में रोजगार की संभावनाओं को घटाता है मेंटल डिस ओडर ;स्टडी

आज कल युवाओं में अवसाद की परेशानी बहुत ज्यादा देखि जा रही है । इतना ही नही अवसाद भी 25 साल और उससे कम उम्र के युवाओं में देखा जा रहा है

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जयपुर । आज कल युवाओं में अवसाद की परेशानी बहुत ज्यादा देखि जा रही है । इतना ही नही अवसाद भी 25 साल और उससे कम उम्र के युवाओं में देखा जा रहा है । युवाओं में कई तरह के स्टेस लेवल को देखा जा रहा है । आज जिस तरह की लाइफ स्टायल हम आज जी रहे हैं जिसके कारण युवाओं में अवसाद की की स्थिति देखि जा रही है ।
युवास्था में होने वाले गंभीर मानसिक विकारों का प्रभाव काफी खतरनाक होता है। मानिसक विकार के कारण आगे चलकर रोजगार की संभावनाओं पर प्रभावित करते हैं। इसके अलावा ये कम आय, खराब शिक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। स्टडी में यह देखने को मिला है कि जिन लोगों को 25 साल की उम्र से पहले मानसिक विकार के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनमें अन्य लोगों की तुलना में रोजगार की कम संभावनाएं हैं।
शोधकर्ता का कहना है कि मानसिक विकार से पीड़ित कई कारणों से नौकरी नहीं कर पाते हैं। हालांकि, पढ़ाई करने और नौकरी करने से पहले गंभीर मानसिक विकारों के इलाज के शुरुआती चरणों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
स्टडी में सामने आया कि उन लोगों में रोजगार की दर सबसे काम थी जिन्हे सिजोफ्रेनिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, 25 साल की उम्र के बाद काम करने वाले आधे से भी कम व्यक्तियों को मूड डिसऑर्डर के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
युवास्था में गंभीर मानसिक विकारों वाले लोगों की कमाई काफी कम थी और बाद में भी सुधार नहीं हुआ। 1988 और 2015 के बीच फिनलैंड में रहने वाले 2 मिलियन से अधिक लोगों को इस स्टडी में शामिल किया गया। इन लोगों की उम्र 25 से 52 वर्ष के बीच में थी।

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