मेघना ने अभिनेता विक्की को मानेकशॉ के किरदार के लिए चुना

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‘उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक’ के अभिनेता विक्की कौशल को मेघना गुलजार की अगली फिल्म में भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के किरदार को निभाने के लिए चुना गया है। सैम मानेकशॉ या सैम बहादुर के नाम से मशहूर इनका जन्म अमृतसर में 3 अप्रैल, 1914 को हुआ था।

बात चाहे युद्धभूमि की हो या उससे बाहर, मानेकशॉ ने मौत को कई बार चकमा दिया। साल 2008 में 27 जून में 94 वर्ष की आयु में तमिलनाडु के वेलिंगटन में उनका देहान्त हुआ।

साल 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ जीत के लिए उन्होंने देश का नेतृत्व किया।

गुरुवार को इस दिग्गज के पुण्यतिथि के अवसर पर रोनी स्क्रूवाला के आरएसवीपी ने इस फिल्म में विक्की के लुक का अनावरण किया जो कि देखते ही देखते वायरल हो गई।

मेघना के साथ भवानी अय्यर और शांतनु श्रीवास्तव इसकी स्क्रिप्ट लिख रहे हैं।

स्कूवाला ने एक बयान में कहा, “सैम मानेकशॉ का नाम भारत के अब तक के इतिहास में सबसे महान सैनिकों में से एक के रूप में निक्षारित है। युवा भारत को आगे बढ़ने के लिए रोल मॉडल्स की आवश्यकता है, इस दिग्गज द्वारा भारत के लिए दिए गए योगदानों पर शिक्षित करने की आवश्यकता है।”

मेघना जो कि ‘राजी’ के बाद दूसरी बार विक्की के साथ काम करने जा रहीं हैं, ने कहा, “पिछले कुछ समय से इस फिल्म को लेकर मेरे और आरएसवीपी के बीच चर्चा चल रही है। इसमें विक्की फील्ड मार्शल मानेकशॉ के किरदार को निभाएंगे। इसके शुरु होने की प्रतीक्षा है।”

विक्की के लिए पर्दे पर सैम मानेकशॉ के जिदंगी को पर्दे पर निभाना वाकई में काफी सम्मान की बात है। विक्की ने कहा, “भारत के पहले फील्ड मार्शल और इस निडर देशभक्त की कहानी को आगे लाने के लिए काफी रोमांचित हूं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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