बजट से पहले प्रधानमंत्री की सचिवों से मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वित्त मंत्रालय के सचिवों, कुछ अन्य मंत्रालयों के सचिवों और नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से मुलाकात कर केंद्रीय बजट 2019-20 और अर्थव्यवस्था के लिए आगे की योजनाओं पर चर्चा की। दूसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद मोदी की खास सचिवों के साथ यह दूसरी बैठक थी।

सूत्रों के अनुसार, अपने आधिकारिक आवास पर हुई इस बैठक में मोदी ने हर विभाग में सुधार के रोडमैप पर चर्चा की। सूत्रों ने कहा कि बैठक में राजस्व बढ़ाने और जीडीपी दर में बढ़ोतरी के उपायों पर चर्चा हुई।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को आम बजट पेश करेंगी। माना जा रहा है कि बजट में अन्य मुद्दों के साथ अर्थव्यवस्था को सुस्ती से उबारने, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में नगदी के संकट और कृषि क्षेत्र के सामने पेश आ रही चुनौतियों से निपटने के उपाय किए जाएंगे।

न्यूज स्त्र.ोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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