मीराबाई की पसंद सलमान, नीरज को भाते हरियाणवी गीत

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देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार-राजीव गांधी खेल रत्न के लिए चुनी गईं एशियाई चैम्पियन मीराबाई चानू को सलमान खान की फिल्में देखना पसंद हैं। राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में भारत के लिए भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले नीरज चोपड़ा को हरियाणवी गीत बेहद अच्छे लगते हैं। नीरज अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने गए हैं।

भारत के सबसे बड़े खेल प्रशंसक ऑनलाइन समुदाय ‘इंडिया स्पोर्ट्स फैन’ द्वारा आयोजित चर्चा में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं मे खेल के मैदान के बाहर अपने निजी जीवन के बारे में कई जानकारियां दीं।

मीराबाई को सलमान की फिल्मों के अलावा गायिका नेहा कक्कड़ के गाने बेहद पसंद हैं। इसके अलावा, उन्हें पारंपरिक व्यंजन मछली की चटनी भी अच्छी लगती हैं।

भाला फेंक में विश्व भर में अपनी काबिलियत का परचम लहराने वाले नीरज को हरियाणवी गीतों के अलावा हरा साग और घर की लस्सी अच्छी लगती है।

राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली श्रेयसी सिंह को व्यंजन में अपने पैतृक पकवान मटन दो प्यादा का स्वाद बेहद अच्छा लगता है और वह कंगनी रनौत की फिल्म ‘क्वीन’ की प्रशंसक हैं।

बॉलीवुड स्टार के दीवानों में कोल्हापुर निवासी एशियाई चैम्पियन राही सरनोबत भी शामिल हैं। उन्हें करीना कपूर और शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म ‘जब वी मेट’ पसंद हैं।

इसके अलावा, अर्जुन पुरस्कार से नवाजे जा चुके भारतीय निशानेबाज अंकुर मित्तल को छोले-भटूरे बेहद पसंद हैं। इसके लिए वह कभी-कभी अपनी डाइट में भी कमी कर देते हैं।

‘इंडिया स्पोर्ट्स फैन’ द्वारा आयोजित चर्चा में मीराबाई, नीरज के अलावा, भारतीय एथलीट जिनसन जॉनसन, एन.सिक्की रेड्डी, मनप्रीत सिंह, सुमित मलिक, सविता पुनिया, राही सरनोबत, अंकुर, श्रेयसी, गणेशन साथियान, पूजा कादियान, अंकुर धामा, सतीश कुमार, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता चेनंदा अखिया कुट्टप्पा, बॉबी अलॉसियस, तारक सिन्हा, लोबो क्लेरैंस, विजय शर्मा और सुखदेव सिंह पन्नू शामिल थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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