मायावती 1 दिसंबर को राजस्थान में करेंगी 2 रैलियां

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बहुजन समाज पार्टी (बसप) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती चुनावी राज्य राजस्थान में अपनी पार्टी के प्रचार अभियान के तहत 1 दिसंबर को दूसरे चरण के पहले दिन दो चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेंगी।

अपने पहले दिन के चुनावी कार्यक्रम के तहत मायावती 1 दिसंबर को राजस्थान की राजधानी जयपुर से हवाईयात्रा द्वारा जिला भरतपुर पहुंचकर वहां कृषि उपज मंडी समिति नन्दबई में आयोजित पार्टी की पहली चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगी, जबकि इनकी दूसरी चुनावी जनसभा दौसा जिला के खेजडया वाली ढाणी वैरवा बस्ती मुकुरपुरा बाईपास बांदीकुई में आयोजित की गई है।

इससे पहले, बसपा प्रमुख अपने पहले चरण के चुनाव अभियान के तहत कई जिलों में चुनावी जनसभाओं को संबोधित कर चुकी हैं।

बसपा 200-सदस्यीय राजस्थान विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी से गठबंधन किए बिना, अपने दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। मतदान 7 दिसंबर को होगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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