मायावती ने कहा, बुद्ध के अहिंसा संदेश बिना बिखर रहा देश

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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ‘बुद्ध पूर्णिमा’ यानी बुद्ध जयंती के अवसर पर समस्त देश व खासकर उत्तर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि बुद्ध के शांति, अहिंसा व दया के संदेश के संबंध में प्रवचनों व राजनीतिक बयानबाजी से कहीं ज्यादा उन्हें राष्ट्रजीवन में उतारने की आज अपने देश को सख्त जरूरत है, जिसके बिना देश बिखर रहा है।

मायावती ने सोमवार को आईपीएन को भेजे अपने शुभाकामना संदेश में कहा कि मानवतावाद के मसीहा तथागत गौतम बुद्ध का शांति, अहिंसा, करुणा और दया का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए ऐसी अमूल्य निधि है, जिसकी बदौलत अपने देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में शांति एवं सद्भाव का वातावरण सृजित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध का शांति, इंसानियत व भाईचारे का संदेश आज की परिस्थितियों में और भी ज्यादा न केवल प्रासंगिक है, बल्कि अपने देश में आज खासकर इसकी काफी अत्याधिक जरूरत भी महसूस की जा रही है। बुद्ध के शांति, अहिंसा व दया के संदेश के संबंध में प्रवचनों व राजनीतिक बयानबाजी से कहीं ज्यादा उन्हें राष्ट्रजीवन में उतारने की आज अपने देश को सख्त जरूरत है, जिसके बिना देश बिखर रहा है।

मायावती ने कहा, “खासकर गौतम बुद्ध के जन्म व कर्मभूमि वाले देश भारत में, लोगों को सभी प्रकार की संकीर्णता व जातिगत द्वेष आदि से ऊपर उठकर, इन मामलों में काफी अहम भूमिका निभाने की जरूरत है। तथागत गौतम बुद्ध ने शांति, अहिंसा, करुणा व जाति-विहीन समतामूलक समाज की स्थापना के लिए अपना सारा जीवन ही नहीं, बल्कि अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया था। आज पूरी दुनिया में उनके मानने वाले लोग मौजूद हैं।”

बसपा प्रमुख ने कहा कि देश में अपने लाखों अनुयाइयों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने वाले बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की इस अमरवाणी को भी आज बुद्ध जयंती के शुभ अवसर पर याद रखना चाहिए कि ‘बौद्ध धर्म में जात-पात, असमानता व चतुरवर्ण का कोई स्थान नहीं है’ और इसके लिए बीएसपी मूवमेंट पूरी तरह समर्पित है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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