मायावती ने दी भैया दूज व छठ की बधाई

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समस्त देशवासियों और खासकर वीर जवानों व उत्तर प्रदेश के युवाओं, महिलाओं व समस्त आमजनता को भैया दूज और छठ पूजा की बधाई दी।

उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों के जीवन में खुशी व खुशहाली लाए, ऐसी कुदरत से कामना है। इतना ही नहीं, बल्कि इस पवित्र उद्देश्य की प्राप्ति के लिए बीएसपी मूवमेंट द्वारा अनवरत संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी है।

मायावती ने आईपीएन को दिए अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि लोगों में खुशी व खुशहाली के लिये जरूरी है कि समाज में व्याप्त हर प्रकार की जुल्म-ज्यादती, जातिवाद, सांप्रदायिकता व शोषण का अंत हो तथा लोगों को समुचित तौर पर जीवन में न्याय मिले, जिसके प्रति केंद्र व राज्य दोनों ही सरकारों को ईमानदारी से गंभीर होने की जरूरत है, क्योंकि इसके अभाव में लोगों का आम जनजीवन काफी ज्यादा प्रभावित हो रहा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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