मौनी अमावस्या विशेष: इसी दिन से हुआ था द्वापर युग का शुभारंभ

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माघ मास की अमावस्या तिथि को ही मौनी अमावस्या कहा जाता हैं ​धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन ही प्रथम पुरुष ऋषि मनु का जन्म हुआ था। यह भी मान्यता हैं कि मौनी अमावस्या से ही द्वारप युग का शुभारंभ हुआ था। मौनी अमावस्या या माघी अमावस्या के दिन गंगा का जल अमृतमय हो जाता हैं इसलिए इस दिन गंगा स्नान का भी सर्वाधिक महत्व होता हैं। वही मौनी अमावस्या के दिन पूजा पाठ और ईश्वर के ध्यान के साथ साथ स्नान दान का भी​ विशेष महत्व बताया गया हैंImage result for मौनी अमावस्या

इस दिन किया गया दान पुण्य बहुत ही फलदायी माना जाता हैं इस व्रत में पूरे दिन मौन व्रत के जैसा पालन करना होता हैं अगर मौन रहना संभव न हो तो किसी के प्रति अपने मुख से कटु शब्दों का प्रयोग न करें। इसी तिथि को संतों की भांति व्यवहार किया जाता हैंImage result for मौनी अमावस्या मौनी अमावस्या के दिन मौन रखन से आत्मबल की प्राप्ति होती हैं माना जाता हैं कि इस दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता हैं इसलिए इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व होता हैं अमावस्या तिथि पर अपनी क्षमता के अनुरूप दान अवश्य करना चाहिए।Related image इस दिन तिल का दान भी उत्तम माना जाता हैं मौनी अमावस्या पर श्री हरि विष्णु और शिव दोनों की पूजा का विधान होता हैं इस दिन गंगा में स्नान के बाद पितरों को जल अर्पित किया जाता हैं। ऐसा करने से पितरों को तृप्ति प्राप्त होती हैं इस दिन तीर्थस्थलों पर पिंडदान का भी महत्व होता हैं।Image result for मौनी अमावस्या

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