शादी किसी कलाकार के करियर के लिए बाधा नहीं : अभिनेत्री शुभांगी

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टेलीविजन धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं’ में नजर आ रहीं अभिनेत्री शुभांगी अत्रे का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि शादी किसी कलाकार के करियर के लिए बाधा है।

शुभांगी ने कहा, “मैंने कई साक्षात्कार पढ़े हैं, जिसमें अभिनेत्रियां दावा करती हैं कि उन्हें शोज में मुख्य भूमिका इस वजह से नहीं मिल रही है क्योंकि वे शादीशुदा हैं और उनके बच्चे हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से मैं ऐसा नहीं मानती।”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अगर कोई शख्स प्रतिभाशाली है, उसकी बेहतरीन पर्सनैलिटी है और वह मुख्य भूमिका के लिए फिट है तो उन्हें आसानी से काम मिल सकता है।”

‘कसौटी जिंदगी की’ और ‘कस्तूरी’ जैसे टेलीविजन धारावाहिकों में नजर आ चुकी शुभांगी की 12 साल की बेटी है।

शुभांगी (37) ने कहा,”मैं मुख्य भूमिका निभा रही हैं। मुझे तो मां की भूमिकाओं के लिए भी संपर्क नहीं किया गया। मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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