लॉकडाउन में बारातियों के लिए मुसीबत बनी शादी !

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कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया हुआ हैं और लोगों से अपील की जा रही हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग की जाए। हांलाकि कई जगह ऐसे मामले दिखाई दे रहे हैं जो लॉकडाउन के नियमों की धज्जियाँ उड रही हैं । ऐसा ही एक मामला देखने को मिला पंजाब में जहां शादी बारातियों के लिए मुसीबत बन गई । दरअसल, पंजाब के गुरदासपुर में दूल्हा-दुल्हन समेत 20 लोग बारात से लौट रहे थे । इसी बीच पुलिस ने बारात के काफिले में शामिल सभी गाड़ियों को रोक लिया । बाराती गुरदापुर से होशियारपुर होते हुए लुधियाना जाने वाले थे ।

इस बारात में कुल 6 गाड़ियों में दूल्हा-दुल्हन समेत 20 लोग शामिल थे । पुलिस ने दूल्हा-दुल्हन को रोकते हुए सभी 20 लोगों पर केस दर्ज कर लिया । पुलिस ने सरकार के आदेशों का उल्लंघन करने के मामले में वर-वधू समेत कुल 20 लोगों पर केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है । बता दें कि लॉकडाउन के कारण कोई भी सामुहिक काम और कहीं आने-जाने की इजाजत नहीं है ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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