बरमूडा त्रिभुज से जुड़ी कई अतिशयोक्ति पूर्ण अवधारणायें जो लोगों के दिमाग में रची हुई है

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जयपुर। बरमूडा त्रिभुज से जुड़े कई कहानियां आपको मिल जायेंगी। दुनिया के आधे से ज्यादा लोग इन कहानियों पर विश्वास करते है। लोगों इस बात को एलियनों से जोड़ दिया है। इन लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र मे बहुत से  UFO  देखे गये है। और माना जाता है कि इन  UFO  के कारण से इस क्षेत्र मे यान लापता होते है। एलीयन द्वारा इन यानों का अपहरण किया गया है लोगों में इस तरह की धारणा बनी हुई है। इसी तरह से कुछ लोगों को मानना है कि बरमूडा क्षेत्र एक  खोये हुये शहर अटलांटिस और उनकी उन्नत सभ्यता का घर है। प्रसिद्ध वैज्ञानिक  एडगर काय्से के मुताबिक अटलांटिस सभ्यता के पास बहुत सी आधुनिक तकनीक थी

और कुछ क्षेत्रो मे वे हमसे भी सैकड़ो वर्ष आगे थे। इसी तरह से कुछ और वैज्ञानिकों के अनुसार इस अटलांटिस शहर मे रहने वाले कृत्तिका तारामंडल के एलीयन थे और उनका मानना है कि उनकी मशीने आज भी इस क्षेत्र मे चल रही हैं। वैज्ञानिक एडगर ने भविष्यवाणी की थी कि शोधकर्ताओं को  बहामास के बीमनी तट पर अटलांटीस शहर का पश्चिमी छोर मिलेगा। इसी को सच साबित करने के लिए 1968 मे शोधकर्ताओ को सागर तलहट मे एक पत्थर से बनी रोड मिली जिसे बीमनी रोड नाम दिया गया। लेकिन इसके अध्ययन के पश्चात पुरातत्ववेत्ताओं और भूगर्भशास्त्रीयों ने उसे प्राकृतिक संरचना माना है।

इसी तरह से 1970 मे डा रे ब्राउन द्वारा जल मे डूबे हुये पिरामिड और क्रिस्टल की खोज से इसे और बढ़ावा मिला। ब्राउन ने बहामा मे अपनी स्कूबा डाइव के दौरान दर्पण के जैसे पत्थरो से बनी एक विशाल पिरामिड नुमा संरचना में छड़ देखा और इस छड़ में कांसे के हाथ पर चार ईंच व्यास का क्रिस्टल रखा हुआ था। ब्राउन ने 1975 तक यह बात गुप्त रखी थी। फिर इसका  खुलासा करते हुये 1975 मे उन्होने इसे फिनीक्स अरीजोना मे एक सेमीनार मे प्रदर्शित किया था। तो उन्होंने बताया कि उनके अनुसार इस क्रिस्टल मे परामानसिक शक्ति है। ब्राउन बताते है कि इन क्रिस्टलो से निकलने वाली तरंगे इस क्ष्रेत्र से गुजरने वाले यानो के दिशानिर्देशक यंत्रो को भटका देती है।

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