मीट खाने से हो रही है कई महामारियां

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जयपुर। इंसान को शरीर को अधिक प्रोटीन की जरूरत होती है। तो इंसान हर चीज़ से प्रोटीन लेता है। जैसे फल सब्जियां मांस आदी। लेकीन दुनिया फल और सब्जियों की बजाये मांस को खाना ज्यादा खाना पसंद करता है। इसलिए दुनिया में मांस की जरूरत हद से ज्यादा ही बढ़ गई है।

दुनिया भर में प्रोटीन का सबसे मुख्य जरिया मांस है। इसी वजह से फूड कंपनियों ने विशाल मीट उद्योग खड़ा कर दिया। ज्यादातर फू़ड कंपनियां प्रोसेस्ड मीट बेचती हैं। एंटीबायोटिक और प्रिजर्वेटिव से भरपूर यह मीट कैंसर और कई दूसरी बीमारियों को जन्म देता है।

12841696 – cutlet of lamb with vegetables

बूचड़खानों से निकलने वाला गंदा पानी भी एक बड़ी समस्या है। मीट उद्योग का कचरा भी बड़ा सिरदर्द है।  बीते 10 सालों में दुनिया ने बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू और इबोला जैसी महामारियों का सामना किया है।

मुर्गियों और मछलियों को तेजी से बड़ा करने के लिए बहुत ज्यादा रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सस्ता मीट बेचने की होड़ के चलते ऐसे ऐसे प्रयोग किये गए कि पर्यावरण और सेहत संबंधी परेशानियां खड़ी हो गई हैं।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक अगर लोग मांस खाना कम कर दें तो 2050 तक सेहत और जलवायु संबंधी खर्च में 1500 अरब डॉलर की कमी लाई जा सकती है। शोध के मुताबिक मीट उद्योग पर नकेल कसने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।

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