आईसीएसई की 10वीं और आईएससी 12वीं बोर्ड की परीक्षा में कई संयुक्त टॉपर

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भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र (आईसीएसई) बोर्ड और भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र बोर्ड (आईएससी) ने मंगलवार को 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए।

घोषित परिणामों के अनुसार, 100 फीसदी अंकों के साथ दिवांग कुमार अग्रवाल और विभा स्वामीनाथन संयुक्त रूप से कक्षा 12वीं (आईएससी) के टॉपर हैं।

इसी तरह से 99.60 फीसदी अंकों के साथ जूही रुपेश कजारिया और मनहर बंसल संयुक्त रूप से कक्षा 10वीं (आईसीएसई) के टॉपर हैं।

10वीं (आईसीएसई) कक्षा के लिए उत्तीण प्रतिशत 98.54 फीसदी रहा, वहीं 12वीं (आईएससी) कक्षा में उत्तीर्ण प्रतिशत 96.52 फीसदी रहा।

10वीं (आईसीएसई) का उत्तीण प्रतिश्त पश्चिमी क्षेत्र में सबसे अधिक 99.76 फीसदी रहा, दूसरे स्थान में दक्षिणी क्षेत्र में 99.73 फीसदी, तीसरे स्थान में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 98.87 फीसदी और चौथे स्थान में उत्तरी क्षेत्र में 97.87 फीसदी रहा। विदेश में यह 100 फीसदी रहा।

12वीं (आईएससी) कक्षा में, दीक्षणी क्षेत्र 98.91 फीसदी के साथ पहले स्थान पर रहा, पश्चिमी क्षेत्र 98.13 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर रहा, पूर्वोत्तर 96.66 फीसदी के साथ तीसरे और उत्तरी क्षेत्र 95.76 फीसदी के साथ चौथे स्थान पर रहा। विदेशों में यह 99.69 फीसद रहा।

आईसीएसई और आईएससी की परीक्षाएं काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन द्वारा आयोजित कराई गई थीं।

कक्षा 12वीं के लिए परीक्षा फरवरी 4 से शुरू होकर 25 मार्च तक चली थी, वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षा 22 फरवरी से शुरू होकर 25 मार्च को समाप्त हुई थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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