अपने पिता के जनाजे में खूब नाची बेटियाँ, जानें क्यों किया उन्होंने ऐसा काम

0
54

जयपुर। जैसा की आप जानते हैं कि जब किसी की मौत होती हैं तो उस घर का माहौल गमगीन होता हैं। इसी के साथ ही पूरे मोहल्ले में भी शान्ति छा जाती हैं। सभी का रोने से बुरा हाल हो जाता हैं। लेकिन आज हम आपकोइस आर्टिकल में एक ऐसे पिता की शवयात्रा के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें उसकी बेटियों ने जमकर जश्न मनाया और बैंड बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली।

आपकी जानकारी के लिए बात दें कि जिस शव यात्रा की बात कर रहे हैं वो मशहूर गुटखा कारोबारी हरिभाई लालवानी की है। मौत को लेकर हरिभाई का मानना था कि ये तो भगवान के हाथ में है। इसलिए किसी के मौत पर मातम क्यो मनाया जाए। इस लिए उनकी बेटियों ने शव यात्रा के दौरान बैंड बाजे के साथ जश्न मनाया है।

बात दें कि शव यात्रा के दौरान हरिभाई द्वार कहे गए कुछ शब्दों का जिक्र भी किया गया था। जिसमें लिखा था कि “मैं बदलकर रूप चला हूं, आंसू ना बहाना, मेरी अंतिम यात्रा है ये, इसका जश्न मनाना’’। बता दें कि 90 के दशक के मशहुर गुटका किंग हरिभाई लालवानी एक मशहूर उद्योगपति थे। बता दें कि हरिभाई के चार बेटियां है। जिन्हें उन्होने बेटों की तरह ही पाला है। ऐसे में बेटियों ने भी अपनी पिता की अंतिम इच्था पूरी करते हुए उनकी अर्थी को कंधा देने के साथ-साथ मुखाग्नि भी दी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here