ओलम्पिक में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हैं मनु भाकेर

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मुन भाकेर जब टोक्यो में अपना ओलम्पिक पदार्पण करेंगी तो निश्चित तौर पर उन पर उम्मीदों का भार होगा, लेकिन इस युवा खिलाड़ी को लगता है कि उम्मीदें बताती हैं कि लोगों का समर्थन उनके साथ है जो उन्हें ओलम्पिक में मदद करेगा।

यहां इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में जारी हाई परफॉर्मेस ट्रेनिंग कैम्प के अंत में मनु ने आईएएनएस से कहा, “मुझे लगता है कि उम्मीदों का मतलब है कि लोग आपका समर्थन करते हैं। कोई भी आपसे तब तक उम्मीद नहीं करेगा, जब तक वो आपका समर्थन न करता हो।”

मनु ने 2017 में एशियन एयरगन चैम्पियनशिप में 10 मीटर पिस्टल यूथ इवेंट में रजत पदक जीता था। इसके बाद से इस खिलाड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राष्ट्रमंडल खेलों में पदक, यूथ ओलम्पिक गेम्स में पदक के अलावा मनु ने आईएसएसएफ विश्व कप में पांच स्वर्ण पदक जीते हैं। इसके बाद एशियाई निशानेबाजी चैम्पियनशिप 2019 में भी दो स्वर्ण पदक जीत ओलम्पिक कोटा हासिल किया।

मनु से जब पूछा गया कि ओलम्पिक में तीन इवेंट में खेलने के लिए वह तैयार हैं? इस पर उन्होंने कहा, “मैं अपने खेल को प्यार करती हूं, चाहे एक, दो या तीन इवेंट ही क्यों न हो। मुझे नहीं पता कि मैं कितने इवेंट्स में खेलूंगी। महासंघ (एनआरएआई) को फैसला करना है। मेरे देश के लिए मुझे जो भी मौका मिलेगा, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगी।”

उन्होंने कहा कि उनकी तैयारियां सही रास्ते पर चल रही हैं और वह इस समय किसी तरह का बदलाव नहीं करना चाहतीं।

उन्होंने कहा, “मेरी तैयारी अच्छी चल रही है और मुझे नहीं लगता कि मुझे किसी तरह के बदलाव की जरूरत है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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