मेनका गांधी ने कहा, 3000 आश्रय गृहों का सोशल ऑडिट किया गया

0
160

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को कहा कि देश भर के 3000 आश्रय गृहों का सोशल ऑडिट का कार्य पूरा कर लिया गया है और मानदंडों का पालन नहीं करने के कारण 40 से ज्यादा बंद कर दिए गए हैं। सरकार का यह कदम बिहार के मुजफ्फपुर व उत्तर प्रदेश के देवरिया में आश्रय गृह में रहने वाली बालिकाओं से कथित तौर पर दुष्कर्म की रिपोर्ट के बाद आया है।

मंत्री ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) से बाल देखरेख संस्थानों (सीसीआई) का सोशल ऑडिट करने व दो महीने के भीतर एक रिपोर्ट जमा करने को कहा है।

उन्होंने मंत्रालय से जुड़ी संसद की सलाहकार समिति की एक बैठक में कहा, “मंत्रालय लगातार यह सुनिश्चित करने में लगा हुआ है कि राज्य व केंद्र शासित प्रदेश किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार सीसीआई देखभाल के मानदंडों का पालन करें।”

उन्होंने कहा, “मंत्रालय ने इन सीसीआई व आश्रय गृहों के पंजीकरण के लिए एक मुहिम चलाया है। इसके परिणामस्वरूप दिसंबर 2017 तक 7109 सीसीआई पंजीकृत हुए हैं, जबकि 401 प्रक्रिया में हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleक्या आकाशगंगा और सौर मंडल के बाहर पदार्थ भिन्न हो सकते है?
Next articleमुंबई मे हिग्स बोसान रहस्योद्घाटन में पता चला की खोज गया कण कोई ईश्वर कण नहीं है
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here