मकर संक्रांति के दिन करें सात्विक भोजन, इस दिन ध्यान रखें ये बातें

0
62

मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य देव की पूजा का खास महत्व होता हैं। मकर संक्रांति का यह पर्व पूरे देश में बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता हैं। सूर्य का किसी राशि में गोचर संक्रांति माना जाता हैं। वही जब सूर्य मकर राशि में आता हैं। तो मकर संक्रांति मनाया जाता हैं। वही यह पर्व बसंत ऋतु के आने की सूचना देता हैं। वही देश में अलग—अलग हिस्सों में इसे कई नामों से जाना जाता हैं। मकर संक्रांति में सूर्य उत्तरायण होता हैं। जिससे हर काम का फल शुभ प्राप्त होता हें। तो आइए जानते हैं। मकर संक्रांति के दिन कौन कौन से कार्यों को करना जरूरी होता हैं।

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए वही पूर्व की दिशा में मुंह करके सूर्य देवता की आराधना करनी चाहिए। ऊँ भास्कराय नम:मंत्र का जाप कम से कम पांच बार अवश्य ही करना चाहिए। वही इस पर्व के दिन की शुरुआत सूर्य को जल चढ़ाकर ही करनी चाहिए। तांबे के लोटे में दूध और जल लेकर सूर्यदेव को जल चढ़ाना चाहिए। वही लाल रंग के पुष्प भी उनपर अर्पित करना शुभ माना जाता हैं। वही सूर्यदेव की कृपा व्यक्ति की किस्मत खुल सकती हैं। वही इस दिन गायत्री मंत्र का जाप भी बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता हैं।

जानिए मकर संक्रांति के दिन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए—
घर पर बनने वाले भोजन में लहसुन और प्याज नहीं डालना चाहिए। वही सूर्य देव को जल लोहे, स्टील या फिर प्लास्टिक के पात्र या लोटे से नहीं करना चाहिए। वही इस दिन नए व एकदम साफ सुथरे वस्त्रों को पहनें। गंदे कपड़े बिल्कुल भी ना पहने। घर का कोई भी सदस्य कही पर भी मांसाहारी भोजन ना करे यह अशुभ माना जाता हैं। वही प्रयास यह रहे कि आप असत्य न बोलें। इस दिन प्रेम सम्बन्ध ना बनाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here