वास्तु के इन उपायों से बनायें अपनी अलग पहचान

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हर कोई समाज में प्रतिष्ठा पाने और अपने कार्य व व्यपार में अपने तरीके से अलग पहचान बनाने की कोशिश करता है। हर जगह सम्मान पाने के लिए हमारे द्वारा किये गए अच्छे कर्म ही आवश्यक होते है। लेकिन कुछ लोगों को भरपुर प्रयास करने पर भी उचित सम्मान नहीं मिलता है। अगर आप अपनें प्रयासों के साथ वास्तु के कुछ उपाय काम में लें तो समाज, कार्य क्षेत्र व व्यापार में आपकी प्रतिष्ठा बढती चली जाएगी।

तो जानते है वास्तु के इन उपायों के बारे में –

प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा के लिए बृहस्पति ग्रह को श्रेष्ठ माना जाता है। बृहस्पति को प्रसन्न करें इससे समाज में प्रतिष्ठा बढती है। गुरूवार के दिन गुड से बनी वस्तु कों स्वंय भी ग्रहण करें व दुसरों को गुड का दान करें। तांबे से बना हुआ सूर्य गले में पहनें व सूर्यदेव को चांदी के बर्तन से जल चढाऐं। रोज वास्तु देवता की पूजा करें। रोज केसर का तिलक लगाना चाहिए इसके सम्मान में वृद्धि होती है व आपकी वाणी मधुर होती है। अपने घर में रामायण पाठ करवायें। घर के प्रवेश द्वार पर सिंदुर से स्वास्तिक का निशान बनायें व हाॅल में पिछे की तरफ पर्वत का चित्र लगाऐं। दक्षिण दिशा में लाल प्रकाश देने वाला बल्ब जलायें। पूजा करते समय शंख बजाना चाहिए। घर में गंगाजल व मोरपंख रखना चाहिए। दरवाजे के बाहर दोनों तरफ अशोक के पेड लगाऐं।

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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