इन रोमांटिक शायरी से अपने चाहने वालो को करें खुश

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जयपुर। जैसा की आप जानते हैं कि हर तरफ वैलेंटाइन डे के रंग देखने को मिल रहे हैं। इस सप्ताह को प्यार करने वाले कपल्स बेहद धूम धाम से मनाते हैं। तथा इस वैलेंटाइन वीक को सादगार बनाने के लिए तरह तरह के प्लान बनाते हैं। तथा इस दिन को यादगार बनाने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड को एक रोमांटिक डेट पर लेकर जाते हैं। तथा अपनी गर्लफ्रेंड से अपने दिल की बात बयां करते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी पार्टनर के सामने अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाते क्योंकि वे लोग डरते हैं कि कहीं उन्हें इसमें ना न सुननी पड़े। जिसके लिए वे अपनी गर्ळफ्रेंड के सामने अपने दिल की बात जाहिर करने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं। तथा लोग अपने दिल की बात अपने प्यार तक पहुंचाने के लिए शायरियों का सहारा लेते हैं। जिनके जरिए वे बिना कुछ बोले अपने दिल की बात अपने प्यार तक पहुंचा सकें।

आपकी जानकारी के लिए बात दें कु कुछ लोग वैलेंटाइन डे के इस खास मौके पर अपने पार्टनर से दूर रहते हैं। जिसके चलते वे अपने पार्टनर से इस खास मौके पर मिलकर अपने प्यार का इजाहर नहीं कर पाते। इसके लिए ऐसे लोग अपने प्यार का इजाहर करने के लिए शोसल मीडिया का सहारा लेते हैं। तथा वे शोसल मीडिया पर कॉल कर या फिर वॉट्स एप और फेसबुक पर अपने पार्टनर से प्यार का इजाहर करने के लिए स्टेटस तथा शायरियों और तस्वीरों का सहारा लेते हैं। ताकि वे अपने पार्टनर तक अपने दिल की बात पहुंचा सके। इस लिए आज हम आपके लिए इस आर्टिकल में इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए तथा अपने पार्टनर से अपने प्यार का इजाहर करने में आपकी मदद करने के लिए कुछ बेहद खास शायरियां लेकर आए हैं। जिनके जरिए आप अपने दिल की बात अपने पार्टनर तक पहुंचा सकते हैं।

हमको हमीं से चुरा लो
दिल में कहीं तुम छुपा लो
हम अकेले हो न जाए
दूर तुमसे हो न जाए
पास आओ गले से लगा लो…

देखा है जब से तुमको, मेरा दिल नहीं है बस में
जी चाहे आज तोड़ दूं दुनिया की सारी रश्में
तेरा हाथ चाहता हूं, तेरा साथ चाहता हूं
तेरी बांहों में दिन-रात रहना में चाहता हूं

आग़ोश की हसरत को बस दिल ही में मारुँगा
अब हाथ तिरी ख़ातिर फैलाऊँ तो कुछ कहना

एक बार तो मुझे सीने से लगा ले,
अपने दिल के भी अरमान सजा ले,
कब से है तड़प तुझे अपना बनाने की,
आज तो मौका है मुझे अपने पास बुला ले।
आज आग़ोश में था और कोई
देर तक हम तुझे न भूल सके

अपनी बांहों में मुझे बिखर जाने दो,
सांसों से अपनी मुझे महक जाने दो,
दिल बेचैन है कबसे इस प्यार के लिए,
आज तो सीने में अपने मुझे उतर जाने दो।

क़रीब-ए-मर्ग हूँ लिल्लाह आईना रख दो
गले से मेरे लिपट जाओ फिर निखर लेना
आग़ा हज्जू शरफ़

अजनबी मुझ से आ गले मिल ले
आज इक दोस्त याद आए मुझे

इस रात की निखरी रंगत को,
कुछ ओर निखर जाने दे जरा
नजरों को बहक जाने दे जरा,
कुछ देर की ही तस्कीन सही
कुछ देर का ही आराम सही

बातों ही बातों में दिल ले जाते हो
देखते हो इस तरह जान ले जाते हो
अदाओं से अपनी इस दिल को धड़काते हों लेकर बाहों में सारा जहां भुलाते हो

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