महंत नृत्य गोपालदास कोरोना संक्रमित, इलाज के लिए मेदांता में भर्ती

0

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई है। वह जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा आए हुए हैं। मथुरा के जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्रा ने बताया कि महंत की तबियत खराब होंने के बाद डाक्टरों की टीम यहां भेजी गयी है। उन्होंने गहन जांच की है। जिसमें महंत को सांस लेने में दिक्कत हुई थीं उनकी कोराना जांच करने पर उनमें लक्षण पाए गये हैं। इलाज के लिए मेदांता भेजा गया है। तबीयत बिगड़ने की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी फोन पर उनका हाल जाना। योगी ने नृत्य गोपाल दास के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने जिला प्रशासन को उचित प्रबंध के निर्देश भी दिए हैं। मथुरा के जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्रा के अनुसार “महंत नृत्य गोपाल दास का कोरोना एंटीजन टेस्ट हुआ है। जांच में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। महंत को मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा है।”

मथुरा के जिलाधिकारी ने बताया कि “महंत बुधवार रात श्रीकृष्ण जन्मस्थान में आयोजित जन्मोत्सव में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने कान्हा का अभिषेक किया था। इसके बाद वह रात में शहर के जंक्शन रोड स्थित सीताराम मंदिर में ठहरे थे। बताया गया है कि उनका ऑक्सीजन लेवल ठीक है। दवइयां दी गयी है। कोई गंभीर बात नहीं है।”

उन्होंने बताया कि “मुख्यमंत्री लगातार हम लोगों से संपर्क में है। उनके बेहतर इलाज के लिए उन्हें मेदांता में भर्ती कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री हर क्षण की खबर ले रहे हैं। अभी महंत जी ठीक हैं लेकिन और अच्छे से इलाज हो इसके लिए उनको एम्बुलेंस से भेजा जा रहा है।”

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास के कोविड संक्रमित होने की जानकारी मिलने पर उनके उपचार के लिए सभी प्रबन्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महंत नृत्य गोपालदास के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।”

मुख्यमंत्री ने “जिलाधिकारी मथुरा तथा महंत के अनुयायियों से वार्ता कर उनकी स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिलाधिकारी मथुरा को निर्देशित किया कि महंत नृत्य गोपालदास के बेहतर उपचार के लिए हर सम्भव प्रबन्ध किए जाएं। मुख्यमंत्री ने मेदांता हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ़ नरेश त्रेहन से वार्ता कर उनका मेदांता हॉस्पिटल में उपचार कराने का अनुरोध किया है।”

ज्ञात हो कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जन्माष्टमी के अवसर पर बुधवार रात श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आयोजित प्राकट्योत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए थे। हर बार वह इस आयोजन में शामिल होते हैं। इस बार वह बाल गोपाल के अभिषेक के लिए अयोध्या से पवित्र सरयू जल भी लेकर गए थे। उनके शिष्य धमेर्ंद्र दास के अनुसार नृत्य गोपाल दास जी की तबीयत अब ठीक है। कोई चिंताजनक बात नहीं है।

पांच अगस्त को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए आयोजित भूमि पूजन समारोह में वह भी मौजूद थे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य अतिथि समारोह में शामिल हुए थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous article5000mAh बैटरी के साथ Infinix Smart 5 भारत में लॉन्च हुआ, जानें अन्य फीचर्स
Next articleबढ़ते पेट्रोल, डीजल की कीमतों के बीच अन्य विकल्प तलाश रहे ग्राहक
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here