Magh maas 2021: शुक्रवार से माघ आरंभ, जानिए क्या है कल्पवास

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माघ मास की शुरूवात इस साल 29 जनवरी दिन शुक्रवार से हो रही हैं और 27 फरवरी 2021 को यह समाप्त हो जाएगा। स्नान, दान कर पुण्य अर्जित करने के लिए माघ का महीना बहुत ही खास होता हैं मोक्ष प्रदान करने वाला माघ स्नान, पौष पूर्णिमा से आरम्भ होकर माघ पूर्णिमा को समाप्त होता हैं माघ मास की ऐसी ही महिमा है कि इसमें जहां कहां भी जल हो वह गंगाजल के समान ही होता हैं फिर भी प्रयाग, कुरुक्षेत्र, हरिदर, काशी, नासिक, उज्जैन और अन्य पवित्र तीर्थों और नदियों में स्नान का बड़ा महत्व होता हैं माघ स्नान करने वाले जातकों पर श्री विष्णु प्रसन्न रहते है और उन्हें सुख सौभाग्य, धन संतान और मोक्ष प्रदान करते हैं। तो आज हम आको कल्पवास के बारे में बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं।

जानिए क्या होता है कल्पवास—
प्रयाग में हर साल लगने वाले इस मेले को कल्पवास भी कहा जाता हैं वेद, मंत्र और यज्ञ आदि कर्म ही कल्प कहे जाते हैं। पुराणों में माघ मास के समय संगम के तट पर निवास को ही कल्पवास कहा जाता है। संयम अहिंमा व श्रद्धा ही कल्पवास का मूल आधार होता हैं अगर सकामभाव से माघ स्नान किया जाए तो उससे मनोवांछित फल की सिद्धि होती हैं और निष्काम भाव से स्नान आदि करने पर वह मोक्ष देने वाला होता है ऐसा शास्त्रों में बताया गया हैं।

माघ मास के दौरान कृष्ण पक्ष में सकट चौथ षटतिला एकादशी, मौनी अमावस्या आती हैं तो शुक्ल पक्ष में वरदतिलकुन्द विनायक चतुर्थी,बसंत पंचमी, शीतला षष्ठी, रथ अचला सप्तमी, जया एकादशी का व्रत और माघी पूर्णिमा मनाई जाती हैं।

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