महामारी के कारण 3 सप्ताह में Madonna ने 5 देशों का दौरा किया

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गायक मैडोना ने महामारी के दौरान 3 हफ्ते में 5 देशों का दौरा किया है। 62 वर्षीय गायिका ने अपने डांसर्स और ब्ऑयफ्रेंड अहलामलिक विलियम्स के साथ लॉस एंजेलिस से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। क्रिसमस के मौके पर की गई इस ट्रिप में उनके बेटे डेविड बांदा, बेटी मर्सी जेम्स और जुड़वा बच्चे एस्टे और स्टेला साथ थे। परिवार के फिर से उड़ान भरने से पहले वह कुछ दिनों के लिए लंदन लौट गईं। इस दौरान वे अपने सबसे बड़े बेटे रोक्को से मिले।

इसके बाद दिसंबर के आखिर में वे सभी मलावी के लिए रवाना हुए। इस दौरान वे मिस्र के असवान में रुके। मलावी में बिताए एक हफ्ते में उन्होंने राष्ट्रपति लाजरस चकवेरा से मुलाकात की। स्थानीय लोगों से बातचीत की और मैडोना द्वारा स्थापित किए गए एक अस्पताल का दौरा भी किया।

पिछले बुधवार को वे केन्या चले गए, जहां वे सफारी पर गए। सूत्रों ने कहा कि वे सभी नियमित तौर पर कोविड -19 परीक्षण करा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें वायरस संक्रमण तो नहीं हुआ है।

ऐसा माना जा रहा है कि इस म्यूजिक आइकन ने सारी यात्राएं निजी जेट से की हैं और अपने साथ फोटोग्राफर रिकाडरे गोम्स को भी ले गईं थीं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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