मध्य प्रदेश : संबल कार्ड पर शिवराज की तस्वीर, आयोग का नोटिस

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मध्यप्रदेश में असंगठित क्षेत्र के मजदरों के लिए शुरू की गई संबल योजना के कार्ड पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया, साथ ही राज्य सरकार से जवाब मांगा है। पिछले दिनों आईएएनएस ने राज्य में मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले संबल कार्ड बांटे जाने का खुलासा किया था, इसी को आधार बनाकर आयोग से शिकायतें की गईं। इन शिकायतों को आयोग ने गंभीरता से लिया है।

राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी लोकेश जाटव ने आईएएनएस को बताया कि संबल कार्ड पर शिवराज की तस्वीर होने की शिकायत पर आयोग ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।

संबल योजना के हितग्राही यानी कार्डधारियों को 200 रुपये माह की दर पर बिजली मुहैया कराई जानी है, साथ ही दीगर सुविधाएं भी दी जानी हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई, निर्वाचन आयोग से शिकायत की। शिकायत को आयोग ने गंभीरता से लिया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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