मध्य प्रदेश : प्राइवेट कॉलेज 5 साल चल सकेंगे किराये के मकान में

0
208

मध्य प्रदेश में अशासकीय महाविद्यालय (प्राइवेट कॉलेज) पांच साल तक किराये के भवन में चलाए जा सकेंगे। आधिकारिक तौर पर गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश में नए अशासकीय महाविद्यालय सत्र 2018-19 की मार्गदर्शिका में उल्लिखित प्रावधानों के तहत अधिकतम पांच वर्ष तक किराये के भवन में संचालित किए जा सकते हैं।

उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में पांच सत्रों के बाद किराये के भवन में महाविद्यालय संचालित करने की अनुमति नहीं है। प्रदेश के ऐसे अशासकीय महाविद्यालय, जिनके किराये के भवन में संचालन को पांच वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी है, उन्हें उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त से स्वयं के भवन में स्थान परिवर्तन की विधिवत स्वीकृति प्राप्त करनी होगी, उसके बाद ही संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता दी जाएगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleNokia 8810 4G फीचर फोन को जल्द ही व्हाट्सऐप सपोर्ट मिलेगा
Next articleनागपुर में बारिश के कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here