मध्य प्रदेश : नकुलनाथ के पास 6 अरब रुपये से अधिक की संपत्ति

0
81

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ के पास छह अरब रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। जबकि उनकी पत्नी प्रिया की संपत्ति दो करोड़ रुपये से अधिक है।

नकुलनाथ की तरफ से मंगलवार को नामांकन के दौरान पेश किए गए हलफनामे के अनुसार, उनके पास कुल 615,93,17,714 रुपये की चल-अचल संपत्ति है। वहीं पत्नी प्रिया नाथ के नाम पर 2,30,31,907 रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति है।

हलफनामे के अनुसार, हालांकि वित्त वर्ष 2017-18 में प्रिया की आय पति नकुलनाथ से अधिक रही है। आयकर रिटर्न में नकुलनाथ की आय 2,76,81,446 रुपये दिखाई गई है, जबकि उनकी पत्नी प्रिया की आय 4,18,21,829 रुपये है।

नकुलनाथ ने हलफनामे में बताया है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। साथ ही उन्हें किसी मामले में कोई सजा भी नहीं हुई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleछेड़छाड़ का विरोध करना पड़ा भारी, सिरफिरे ने कर दिया ये कांड
Next articleप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं से अपील, ‘देश को चुनें’
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here