मध्य प्रदेश : लोक अदालत शनिवार को होगी

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मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों, श्रम और कुटुम्ब न्यायालयों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी। आधिकारिक तौर पर जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्रधिकरण द्वारा आयोजित लोक अदालत में लम्बित प्रकरण, अपराधिक, शमनीय प्रकरण, पराक्राम्य, अधिनियम के तहत बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण का निपटारा होगा। साथ ही श्रम विवाद, विद्युत एवं जलकर, वैवाहिक, भूमि अधिग्रहण, सेवा निवृत्ति संबंधी, राजस्व और दीवानी आदि मामलों की सुनवाई होगी।

बताया गया है कि न्यायालयों में लगने वाली इस राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी, आपराधिक और शमनीय मामलों सहित सभी प्रकार के ऐसे मामले भी रखे जाएंगे, जिनमें पक्षकार सौहार्दपूर्ण वातावरण में प्रकरणों का निराकरण करवाने के इच्छुक होंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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