मध्य प्रदेश : फिजूलखर्ची रोकने का कमलनाथ का वादा टूट रहा

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मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ ने फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का ऐलान किया था। उनका साफ संदेश था कि, कोई भी मंत्री, विधायक सरकारी हेलीकॉप्टर और विमान का उपयोग नही करेगा, मगर राज्य के मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती ने ही उज्जैन दौरे के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया। इस तरह कमलनाथ के वादे के टूटने की शुरुआत हो गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्य सचिव मोहंती ने रविवार को उज्जैन का दौरा कर मकर संक्रांति पर क्षिप्रा नदी के घाटों पर होने वाले स्नान संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वे शनि मंदिर त्रिवेणी घाट और राम घाट गए। उनके साथ नर्मदा घाटी विकास अभिकरण के अपर मुख्य सचिव रजनीश वैश्य, अपर मुख्य सचिव राोश्याम जुलानिया, प्रमुख सचिव संजय दुबे और प्रमोद अग्रवाल थे। बाद में मुख्य सचिव मोहंती ने उज्जैन में वरिष्ठ अािकारियों की बैठक में मकर संक्रांति संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की।

मुख्य सचिव अन्य अधिकारियों के साथ भोपाल से हेलीकॉप्टर से भोपाल से उज्जैन पहुंचे थे। सरकारी अमले के द्वारा हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किए जाने का सत्ता में बदलाव के बाद का पहला मौका है। यही कारण है कि हेलीकॉप्टर के उपयोग पर चर्चा गर्म है, क्योंकि कमलनाथ ने फिजूलखर्ची रोकने के मकसद से सरकारी हेलीकॉप्टर व विमान के उपयोग पर रोक लगा रखी है। इतना ही नहीं, इस साधन का उपयोग करने पर विधायक व मंत्री को स्वयं खर्च वहन करने की बात कही गई है।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष सैयद जाफर से जब मुख्यमंत्री के फिजूलखर्ची रोकने के निर्देश और मुख्य सचिव व अफसरों द्वारा हेलीकॉप्टर के उपयोग पर सवाल किया तो उनका कहना था कि मकर संक्रांति सोमवार को है, लिहाजा जरूरत को ध्यान में रखकर हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया होगा।

हेलीकॉप्टर के उपयोग और समय की बचत को लेकर जानकारों का कहना है कि भोपाल से उज्जैन तक जाने में सड़क मार्ग का उपयोग करने पर मुश्किल से तीन से साढ़े तीन घंटे लगते, जबकि हेलीकॉप्टर व हेलीपैड तक सड़क मार्ग का उपयोग करने पर लगभग दो घंटे लग जाते हैं। इस तरह समय की भी ज्यादा बचत नहीं होती।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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