मध्य प्रदेश : कमलनाथ छिदवाड़ा से लड़ेंगे विधानसभा उपचुनाव

0
49

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को कांग्रेस ने छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है।

कांग्रेस ने गुरुवार को कमलनाथ को छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए जाने का ऐलान किया। कमलनाथ इस समय छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं। उन्होंने 17 दिसंबर, 2018 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। लिहाजा, उनका छह महीने के भीतर विधायक निर्वाचित होना आवश्यक है।

कमलनाथ विधानसभा का चुनाव लड़ सकें, इसके लिए कांग्रेस विधायक दीपक सक्सेना ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। उसी समय यह तय हो गया था कि कमलनाथ छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।

छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए मतदान 29 अप्रैल को होना है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleमहिला हॉकी : भारत ने मलेशिया को 3-0 से करारी शिकस्त दी
Next articleपोंटिंग ने हार की वजह पिच को ठहराया
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here