मध्य प्रदेश : ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिला दीपक बावरिया का साथ

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पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा वचन पूरा न होने की स्थिति में सड़क पर उतरने वाले बयान को कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया का साथ मिला है। बावरिया ने कहा है कि सिंधिया ने गलत बात नहीं की है, और उनकी जगह मैं भी होता तो यही कहता। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी बावरिया ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस के लिए वचन पत्र महत्वपूर्ण है, भाजपा की तरह कांग्रेस के लिए वचन पत्र जुमला नहीं है। सिंधिया ने भी वचन पत्र को पूरा करने की बात कही है, इसमें गलत कुछ भी नहीं है। अगर मैं भी होता तो यही कहता। सिंधिया ने जो कहा वह सही है।”

गौरतलब है कि सिंधिया ने टीकमगढ़ जिले के एक कार्यक्रम में कहा था, “मैंने चुनाव से पहले भी अतिथि शिक्षकों की मांग सुनी थी। मैं भरोसा देता हूं कि आपकी जो मांग हमारी सरकार के वचन पत्र में है, वो वचन पत्र हमारे लिए ग्रंथ है, इसका एक-एक वाक्य पूरा न हुआ तो खुद को सड़क पर अकेला मत समझना, आपके साथ सड़क पर सिंधिया भी उतरेगा। सरकार बने हुए एक साल हुआ है, थोड़ा सब्र हमारे शिक्षकों को रखना होगा। हमारी बारी आएगी, ये भरोसा आपको दिलाता हूं और अगर बारी न आए तो चिंता मत करो, मैं आपकी ढाल और तलवार बनूंगा।”

सिंधिया का यह बयान आने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था, “तो उतर जाएं।”

इसके चलते यह कयास लगाए जाने लगे थे कि कमलनाथ ने सिंधिया के बयान के खिलाफ नाराजगी जताई है। मंगलवार को जब कमलनाथ से पूछा गया कि क्या वह सिंधिया से नाराज हैं तो उन्होंने कहा, “मैं किसी से नाराज नहीं होता, जब शिवराज सिंह चौहान से नाराज नहीं होता तो सिंधिया से क्यों नाराज होऊंगा।”

अब बावरिया ने सिंधिया के बयान का समर्थन कर यह संदेश दे दिया है कि पार्टी के बड़े नेताओं के बीच किसी तरह का मतभेद और खींचतान नहीं है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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