मध्य प्रदेश : किसानों को मुआवजा दिलाने भाजपा उतरी सड़क पर

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मध्य प्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ से पीड़ित किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को विधानसभावार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य की कमलनाथ सरकार को किसान विरोधी बताया। राज्य में सत्ता से बाहर होने के बाद भाजपा का यह दूसरा बड़ा आंदोलन था, जिसमें पार्टी के तमाम नेताओं ने हिस्सा लिया। भाजपा ने आरोप लगाया है कि “राज्य में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने किसानों को राहत दिलाने के लिए अब तक सर्वे कार्य तक शुरू नहीं किया है। किसान परेशान हैं, सरकार का रवैया किसान विरोधी है।”

भाजपा का आरोप है, “प्रशासन और प्रदेश सरकार राहत कार्य किए जाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन पीड़ितों को वास्तव में पेट भरने तक के लिए कुछ नहीं मिल पाया है। मंदसौर जिले में बाढ़ पीड़ित समाजसेवियों और अपने रिश्तेदारों पर निर्भर हैं। वहां छह दिनों बाद भी सरकार पीड़ितों के बीच नही पहुंच पाई है।”

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सागर जिले के रहली में आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार में जब ओला पाला या प्राकृतिक आपदा होती थी, तो मुखिया शिवराज सिंह चौहान और सभी मंत्री किसानों के बीच उनके खेतों में पहुंच जाते थे। प्रदेश में आज बाढ़ के हालत हैं तो दिल्ली से केंद्रीय अध्ययन दल बाढ़ग्रस्त इलाकों में नुकसान का जायजा लेने पहुंच चुका। लेकिन प्रदेश के मुखिया कमलनाथ अभी तक बाढ़ पीड़ितों को देखने तक नहीं पहुंचे हैं। कांग्रेस सरकार के मंत्री बाढ़ग्रस्त इलाकों में मुआवजा देने के बजाय अधिकारियों से आवभगत करवा रहे हैं।”

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “प्रदेश सरकार मुआवजे की राशि को लेकर केंद्र पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। कमलनाथ सरकार बताए कि उसने अभी तक कितनी मुआवजा राशि, कितने बाढ़ पीड़ित किसानों को दी है।”

राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नेताओं के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व तहसीलदारों को ज्ञापन सौंपे।

राज्य में सत्ता से बाहर होने के बाद भाजपा का यह दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन है, जिसे निचले स्तर तक आयोजित किया गया। इससे पहले राज्य में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ भाजपा ने जिला मुख्यालयों पर घंटानाद आंदोलन किया था।

 

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

 

 

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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