मध्य प्रदेश : ईवीएम पर मचा बवाल, जानिए !

0
137

मध्यप्रदेश में मतदान के बाद ईवीएम को लेकर सियासी वार तेज हो गए हैं। राज्य के विभिन्न स्थानों पर बने स्ट्रांगरूम की सुरक्षा पर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने भोपाल के स्ट्रांगरूम के बाहर लगी एलईडी के बंद होने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए निर्वाचन आयोग में शिकायत की तो दूसरी ओर सागर में शुक्रवार को ईवीएम के पहुंचने पर हंगामा किया। निर्वाचन अधिकारी गड़बड़ी की आशंका को हालांकि नकार रहे हैं।

भोपाल के विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम मशीनों को पुरानी जेल के परिसर में रखा गया है, मगर शुक्रवार की सुबह अचानक स्ट्रांगरूम के बाहर लगी एलईडी अचानक बंद हो जाने से हड़कंप मच गया। कांग्रेस ने गड़बड़ी की आशंका जताई है, वहीं प्रशासन ने बिजली गुल होने की बात कही है।

बताया गया है कि शुक्रवार सुबह आठ बजे अचानक स्ट्रांगरूम के बाहर चलने वाली एलईडी स्क्रीन बंद हो गई। इस एलईडी पर स्ट्रांगरूम में रखी ईवीएम मशीनों को बाहर से देखा जा सकता है। स्क्रीन के बंद होते ही वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐतराज जताया, साथ ही ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया। लगभग डेढ़ घंटे तक एलईडी बंद रही।

एलईडी स्क्रीन बंद होने की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सुदाम खाडे मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया, साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चर्चा की।

खाडे ने संवाददाताओं से कहा कि बिजली गुल होने के कारण एलईडी बंद हो गई थी। यहां त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रबंध है, किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक इंतजाम से संतुष्ट किया गया।

राज्य में मतदान 28 नवंबर को हुआ था, उसके बाद वापस आई ईवीएम मशीनों को गुरुवार को पुरानी जेल में बनाए गए स्ट्रांगरूम में रखा गया था। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने के साथ पल-पल की स्थिति दिखाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों को बाहर लगी एलईडी से जोड़ा गया है। इस तरह भीतरी स्थिति को बाहर बैठकर आसानी से देखा जा सकता है।

शाम को सागर से ईवीएम के मतदान के 48 घंटे बाद मुख्यालय पर पहुंचने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि ये मशीनें खुरई विधानसभा क्षेत्र से आई हैं, जहां से प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। जिस वाहन में ये मशीनें पहुंचीं, उस पर नंबर भी नहीं है, इसलिए संदेह हो रहा है।

कांग्रेस के प्रवक्ता संदीप सबलोक ने बताया कि ये मशीनें बस से आई, इन्हें परीक्षण के बाद जिलाधिकारी के कार्यालय में स्थित कोषालय के स्ट्रांगरूम में रखा गया। देर से मशीन लेकर पहुंचने वाले अफसरों को बर्खास्त किया जाए।

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट किया, “चुनावी कार्य में लगे सभी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकरियों से अपील है कि वे लोकतंत्र के महापर्व के अवसर पर मतगणना तक निष्पक्षता का आचरण करें। हमें कुछ अधिकरियों के खिलाफ शिकायत मिली है।”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि सभी कांग्रेसजन, कांग्रेस प्रत्याशियों से अपील है कि 11 दिसंबर को मतगणना तक स्ट्रांगरूम व ईवीएम पर निगरानी रखें, विशेष सावधानी रखें। कांग्रेस की सरकार बननी तय है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleप्रो कबड्डी लीग : प्रदीप ने थलाइवाज से छीनी जीत
Next articleभारत, हांगकांग के बीच दोहरा कराधान समझौता प्रभावी
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here