लोकपाल अशोका होटल को हर महीने 50 लाख रुपये के किराये का भुगतान कर रहा

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जयपुर। स्थाई कार्यालय नहीं होने के कारण देश की सबसे बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी संस्था लोकपाल के द्वारा नई दिल्ली के अशोका होटल को हर महीने ₹5000000 देना पड़ रहा है। आपको बता दी की सूचना का अधिकार आरटीआई कानून के तहत प्राप्त करेगे दस्तावेजों के द्वारा यह बात की जानकारी सामने आई है।

आपको मालूम हो कि सरकार के स्वामित्व वाले अशोक होटल में इस समय लोकपाल का कार्यालय है और वह यहीं से काम कर रहा है। होटल के दूसरे फ्लोर पर लोकपाल के लिए 12 कमरों को अस्थाई तौर पर कार्यालय के रूप में तैयार किया गया है। लोकपाल को अपना स्थाई कार्यालय मिलना अभी भी बाकी है।

आपको बता दें कि इस मामले को लेकर आरटीआई दायर करने वाले शुभम खत्री ने लोकपाल सचिवालय से मिले जवाब के अनुसार बताया है कि लोकपाल अस्थाई रूप से अशोक होटल में संचालित हो रहा है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग डीओपीटी द्वारा निर्धारित इसका मासिक किराया लगभग ₹5000000 है और इसके लिए 22 मार्च 2019 से 21 अक्टूबर 2019 तक कुल 3 करोड रुपए का भुगतान किया गया है।

वह इसके अलावा आपको बता दें कि आरटीआई के तहत प्राप्त करी गई जानकारी से यह भी पता चल सका है कि 31 अक्टूबर 2019 तक लोकपाल को लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार की करीब 1160 शिकायतें मिली है लेकिन उनमें से किसी भी शिकायत पर अभी तक किसी भी तरह की जांच को शुरू नहीं किया गया है।

 

दायर करेंगे जवाब के मुताबिक लोकपाल को अब तक कुल 1160 शिकायतें मिली है जिसमें 1000 शिकायतों को लोकपाल की पीठ के द्वारा सुना गया है और किसी भी मामले में लोकपाल ने अभी तक पूरी जांच के लिए को शुरू नहीं किया है।

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