लोकसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित, जानिए इसके बारे में !

0
108

बताया जा रहा है कि लोकसभा शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। बजट सत्र आज समाप्त हो चुका है जिसका आधा भाग हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन जैसे ही शुरू हुआ अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के सांसद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के आसन के समक्ष खड़े होकर कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग करते हुए विरोध करने लगे।

लोकसभा अध्यक्ष महाजन ने विरोध प्रदर्शन कर रहे सांसदों से अपनी सीट पर जाने के लिए कहा, जिससे की विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को पेश किया जा सके। लेकिन, सदस्यों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleजॉब इंटरव्यू में पास होने के लिए जानें यह ट्रिक्स
Next articleराष्ट्रमंडल खेल (स्क्वैश) : अंतिम-16 दौर में हारकर बाहर हुए विक्रम
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here