एलआईसी के आईपीओ से बीमा उद्योग को लाभ होगा : फिच रेटिंग्स

0

फिच रेटिंग्स ने बुधवार को कहा है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रस्तावित आईपीओ से देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी की जवाबदेही और पारदर्शिता बेहतर होगी, मगर अगले वित्त वर्ष के दौरान ऐसा होने की संभावना नहीं है।

अपनी हालिया रिपोर्ट में फिच ने कहा, “एलआईसी अधिनियम के कुछ वर्गों में संशोधन के बाद कानूनी अड़चनें, स्वतंत्र मूल्यांकन करने के साथ ही विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने से मार्च 2021 के अंत में सरकार के लक्ष्य की समय सीमा से परे निष्पादन में देरी हो सकती है।”

इसी तरह 2018 में, सरकार ने तीन राज्य क्षेत्र की गैर-जीवन बीमा कंपनियों – नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को मर्ज करने के अपने फैसले की घोषणा की – और बाद में उन्हें शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया। बीमाकर्ताओं की कमजोर पूंजी क्षमता सहित कई कारकों के कारण लगभग एक साल की देरी के बाद विलय 2020 में समाप्त होने की संभावना है।

इससे पहले सरकार ने 2017 में देश की दो सबसे बड़ी बीमा कंपनियों न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी और जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को एक आईपीओ मार्ग के माध्यम से सूचीबद्ध किया था।

एलआईसी के आईपीओ से पूरे बीमा उद्योग को फायदा होगा। फिच ने कहा कि इसका लाभ संभवत: पूरे बीमा उद्योग को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि उद्योग अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित कर पाएगा, जिससे देश में विदेशी पूंजी का प्रवाह भी बढ़ेगा।

फिच ने उम्मीद जताई है कि एक बार एलआईसी का आईपीओ आने के बाद निजी क्षेत्र की कुछ बीमा कंपनियां भी मध्यम अवधि में अपने शेयरों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने को प्रोत्साहित होंगी।

हालांकि मौजूदा नियमनों के तहत सभी बीमा कंपनियों के लिए सूचीबद्ध होना अनिवार्य नहीं है। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 के बजट भाषण में घोषणा की थी कि सरकार की विनिवेश पहल के तहत एलआईसी को सूचीबद्ध किया जाएगा।

ज्ञात हो कि जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। यानी एलआईसी के आईपीओ को सरकार आम लोगों के लिए बाजार में रखेगी। इसके बाद लोग एलआईसी में शेयर के जरिए हिस्सेदारी खरीद सकेंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleगर्भकालीन डायबिटीज से गर्भपात का खतरा बढ़ता, गर्भावस्था में इस प्रकार करे डायबिटीज से अपना बचाव
Next articleMaruti Brezza की बाजार में जबरदस्त धूम! महज 20 दिन में 10000 बुकिंग
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here