आनेवाली पीढ़ियों की रक्षा के लिए हम पर्यावरण की रक्षा करें : नीतीश कुमार

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को यहां कहा कि आनेवाली पीढ़ियों की रक्षा के लिए हम सभी का बुनियादी दायित्व है कि पर्यावरण की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि हम सब अगर मिलकर चलेंगे तो पर्यावरण संकट में कम होगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘कोरोना-मानवता को प्रकृति का संदेश’ विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि “पांच जून ऐतिहासिक दिन है। विश्व पर्यावरण दिवस के साथ-साथ इस दिन को संपूर्ण क्रांति दिवस एवं कबीर जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।”

उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की सम्पूर्ण क्रांति और लोहिया जी की सप्तक्रांति में पर्यावरण का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के बाद बिहार में चलाए गए पल्स पोलियो अभियान को बिल गेट्स सहित सभी लोगों ने सराहा था।

उन्होंने कहा कि राज्य से झारखंड अलग होने के बाद बिहार का हरित आवरण नौ प्रतिशत रह गया था।

उन्होंने कहा, “राज्य के हरित आवरण क्षेत्र को बढ़ाने के लिए वर्ष 2012 में हरियाली मिशन की शुरुआत की गई और 24 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया। इसमें 22 करोड़ से ज्यादा वृक्षारोपण किया गया। अब राज्य का हरित आवरण 15 प्रतिशत हो गया है और 17 प्रतिशत हरित आवरण प्राप्त करने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पृथ्वी दिवस नौ अगस्त के दिन 2 करोड़ 51 लाख पौधे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं अन्य लोगों की सहभागिता से लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जल-जीवन-हरियाली अभियान के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है। भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना जरूरी है। आनेवाली पीढ़ियों की रक्षा के लिए हम सभी का बुनियादी दायित्व है कि पर्यावरण की रक्षा करें। हम सब अगर मिलकर चलेंगे तो पर्यावरण संकट में कमी आएगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि “कोरोना संक्रमण के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसके प्रति काफी जागरूक हैं। अगर हम जागरूक नहीं होंगे तो किसी न किसी बीमारी की चपेट में आते रहेंगे।”

इस कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, प्रधान सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन दीपक कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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