वामपंथी दलों को करना पड़ा करारी हार का सामना : माकपा

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मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि वामपंथी दलों को लोकसभा चुनाव में ‘बुरी तरह हार’ का सामना करना पड़ा है।

माकपा ने कहा कि 2014 के बाद भाजपा की अगुवाई वाली राजग को मिली प्रचंड जीत ‘दक्षिणपंथी आक्रामक हमले को मजबूत करने’ के संकेत हैं।

माकपा की पत्रिका ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ में एक संपादकीय में कहा गया, “दक्षिणपंथी पार्टी द्वारा 2014 के बाद से आक्रामक हमलों को मजबूत करने के कारण यह चुनाव परिणाम आए हैं।”

इसमें कहा गया है,”वास्तविकता यह है कि वामपंथी सहित दूसरे धर्मनिरपेक्ष विपक्षी दल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) गठबंधन द्वारा स्थापित राजनीतिक व वैचारिक विचारधाराओं को चुनौती नहीं दे पाए।”

माकपा ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक अभियान शुरू हुआ, जिसने जुझारू राष्ट्रवाद को एक तेज सांप्रदायिक एजेंडे के साथ जोड़ा और राष्ट्रवाद की आड़ में प्रमुख भावनाओं को भुनाने की कोशिश हुई।”

संपादकीय में कहा गया, “ऐसा लगता है कि भाजपा ने अभियान में मोदी को एक मजबूत नेता के रूप में प्रस्तुत किया, जिसके लिए राष्ट्रवाद का और पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में हुई कार्रवाई का सहारा लिया गया। लोगों ने कृषि संकट, बेरोजगारी, बिगड़ती शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं और अल्पसंख्यकों, महिलाओं व दलितों पर लगातार होते हमले जैसे जमीनी मुद्दों को छोड़कर राष्ट्रवाद के लिए वोट किया।”

माकपा ने विपक्ष की न सुनने और “नरेंद्र मोदी और (भाजपा अध्यक्ष) अमित शाह के सांप्रदायिक और भाषाई भाषणों” को वैध ठहराने के लिए चुनाव आयोग की निंदा की।

संपादकीय में कहा गया है कि पार्टी चुनाव परिणामों का आलोचनात्मक चिंतन करेगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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