जानिए चंद्रयान—2 मिशन भारत और मानवता को कैसे करेगा प्रभावित

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जयपुर। इसरो अपने चंद्रयान—2 मिशन की आज सफल लॉन्चिंग करने जा रहा है। इसकी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से होनी है। भारत का यह मिशन अगर सफल हो जाता है, तो इसरो के साथ ही साथ भारत की मानवता और दुनिया के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगा। बता दे कि अगर चंद्रयान—2 की सफल लैंडिंग के साथ मिशन सफल हो जाता है, तो तो इसरो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर नरम लैंडिंग करने वाली पहली अंतरिक्ष एजेंसी बन जाएगी। चंद्रयान—2 ऐसा पहला अभियान है, जो घर में विकसित तकनीक के साथ चंद्र क्षेत्र का पता लगाने के लिए भेजा जा रहा है। इस​ मिशन की सफलता के साथ ही भारत भारत चंद्र सतह पर नरम-भूमि वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले चंद्रयान—1 मिशन के दौरान वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर पानी के अवशेषों का पता लगाया था। अबकी बार अंतरिक्ष एजेंसी इस क्षेत्र में एक कदम आगे की खोज के बारे में सोच रही है। जिसमें चैन्नई पर जल संकट को शामिल किया गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि अभियान चेन्नई में मौजूदा पानी की कमी के लिए बहुत जरूरी उपाय पेश कर सकता है।भारत चंद्रमा की सतह पर हीलियम -3 के अस्तित्व की पहचान करने की कोशिश कर रहा है। गैर-रेडियोधर्मी हीलियम -3 को सदियों से परमाणु नाभिकीय संलयन रिएक्टरों की क्षमता के रूप में जाना जाता है।इसरो ने इस मिशन के बारे में कहा है कि यह मिशन न सिर्फ चंद्रमा की समझ में सुधार करेगा बल्कि इसके साथ ही यह भारत और मानवता को भी लाभ पहुंचायेगा। क्योंकि चंद्रयान—2 सफलता के साथ अंतरिक्ष की समझ को भी बढ़ाएगा, प्रौद्योगिकी की प्रगति को बढ़ावा देगा और वैश्विक गठजोड़ को भी बढ़ावा देगा। इसके साथ ही यह पृथ्वी और चंद्रमा के इतिहास के बारे में भी अधिक जानकारी प्राप्त करेगा। जिससे मानवता के विकास मे काफी मदद मिलने की संभवना है।

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