kohli के पितृत्व अवकाश पर बोले लक्ष्मण, इसका सम्मान होना चाहिए

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भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली को पितृत्व अवकाश पर पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का साथ मिला है। लक्ष्मण 2006 में अपने पहले बच्चे के जन्म के समय दक्षिण अफ्रीका दौरे पर थे।

लक्ष्मण ने हालांकि कुछ साल बाद अपनी बेटी के जन्म के समय रणजी मैच छोड़ पत्नी के साथ रहने का फैसला किया था।

लक्ष्मण ने आईएएनएस से कहा, “मुझे लगता है कि आपको इसका सम्मान करना चाहिए। हां, आप एक पेशेवर क्रिकेटर हैं, लेकिन आपका परिवार भी है। आपको हमेशा उस बात का सम्मान करना चाहिए जो परिवार के लिए सही हो। इसलिए मुझे लगता है कि हमें फैसले का सम्मान करना चाहिए। यह जीवन का अहम पड़ाव है।”

भारतीय टीम इस समय आस्ट्रेलिया दौरे पर है जहां उसे तीन वनडे, तीन टी-20 और चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है।

कोहली वनडे, टी-20 सीरीज और पहला टेस्ट मैच खेलने के बाद अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट आएंगे। बीसीसीआई ने उन्हें पितृत्व अवकाश की मंजूरी दे दी है।

लक्ष्मण भारतीय टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका दौरे पर थे और तीसरे तथा आखिरी टेस्ट मैच जो छह जनवरी 2007 को खत्म होना था, के बाद वह स्वदेश अपनी पत्नी शैलजा के पास लौटने वाले थे। उनकी पत्नी की डिलीवरी 10 जनवरी को होनी थी, लेकिन यह एक जनवरी को हुई जिसे लक्ष्मण अपनी पत्नी के साथ उस समय रह नहीं पाए।

जब उनकी पत्नी दूसरी बार मां बनीं तो लक्ष्मण ने रणजी ट्रॉफी मैच न खेल अपनी पत्नी के साथ रहने का फैसला किया।

हैदराबाद के इस बल्लेबाज ने कहा, “मुझे याद है कि मेरी बेटी के जन्म के समय मैंने अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए कुछ रणजी ट्रॉफी मैच छोड़ दिए थे। यह बेहद खास एहसास होता है, खासकर जब आपके पहले बच्चे का जन्म होने वाला हो।”

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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