भारत में वाहनों के लिए स्पष्ट और स्थायी नीति की कमी – मारुति सुजुकी

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जयपुर। भारत की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि, भारत सरकार को ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए भविष्य के संसाधनों के बारे में अपनी एक स्पष्ट और स्थाई नीति तैयार करने की आवश्यकता है। इससे ऑटोमोबाइल कंपनियां भविष्य के वाहनों के लिए अपनी तैयारी कर सकें।

आपको बता दें कि मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी केनिची आयुकावा द्वारा दिया गया है। वह ऑटोमोटिव कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वार्षिक सम्मेलन में भाग ले रहे थे। आपको बता दें कि आयुकावा ने कहा कि देश को अपने ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को पाने के लिए टेक्नोलॉजी के आधार पर निकट भविष्य के लिए एक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।

उन्होनें कहा कि, क्षमता निर्माण और पूंजीगत निवेश को मिलाकर भविष्य की योजनाओं पर काम करने के लिए लघु अवधि, मध्यम अवधि और दीर्ध अवधि की नीति का खाका तैयार करना उपयोगी होगा। आपको बता दें कि आयुकावा ने स्पष्ट नीति का खाका तैयार करने पर जोड़ देते हुए कहा कि, नई टेक्नोलॉजी के लिए एक स्पष्ट और स्थायी नीति का ढ़ांचा ऑटो कॉम्पोनेट्स कंपनियों को निवेश करने के लिए प्रेरित करेगा।

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल के मामले में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर उन्होने कहा कि, वाहन उद्योग सरकार के साथ इन लक्ष्यों को पाने के लिए प्रतिबंद्ध है। भारत जैसे देश के लिए जरुरते बिल्कुल अलग है। इसलिए ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को पाने के लिए भारत को टेक्नोलॉजी के आधार पर तटस्थ दृष्टीरोण अपनाने की जरूरत है। सरकार को इस समय इलेक्ट्रिक वाहन के साथ हाइब्रिड, सीएनजी, मेथनॉल और एथेनॉल के सारे विकल्प खुले रखने की आवश्यकता है।

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