केआईवाईजी (निशानेबाजी) : देवांशी ने जीता स्वर्ण, मेहुली और मनीषा को दोहरी स्वर्णिम सफलता

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भारत के पूर्व दिगग्ज पिस्टल निशानेबाज और मौजूदा समय में राष्ट्रीय जूनियर पिस्टल टीम के कोच जसपाल राणा की बेटी देवांशी राणा ने अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए यहां जारी खेलो इंजिया यूथ गेम्स-2019 में रविवार को जूनियर यू-21 वर्ग में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। देवांशी ने हरियाणा की अंजलि चौधरी की चुनौती को पार करते हुए सोने पर निशाना लगाया।

इस स्पर्धा के फाइनल में मनू भाकेर और मुस्कान (दोनों हरियाणा) की निशानेबाज शामिल थीं। दिल्ली की देवांशी ने अंजलि के खिलाफ खिताबी जंग में 24-23 के अंतर से जीत हासिल की।

बहरहाल, पश्चिम बंगाल की मेहुली घोष केआईवाईजी 2019 में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। मेहुली ने 10 साल के अभिनव शॉ के साथ मिलकर 10 मीटर एअर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया।

शनिवार को व्यक्तिगत स्वर्धा में स्वर्ण जीतने के बाद आराम की मुद्रा में चुकीं मेहुली ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया और हर मौके पर 10 पर निशाना लगाया और गुजरात की शूटर इलावेलीन वालारिवान को एक बार फिर दोयम साबित किया।

मध्य प्रदेश की मनीषा कीर ने अनवर हसन खान के साथ मिलकर मिश्रित ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मनीषा ने शनिवार को महिलाओं की अंडर-21 स्पर्धा में सोना का तमगा हासिल किया था।

मनीषा और हसन की जोड़ी ने रविवार को फाइनल में 50 में 35 का स्कोर किया। दिल्ली के वृशांकदित्य परमार और कीर्ति गुप्ता ने 32 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता।

भले ही मेहुली और मनीषा ने रविवार को दोहरी स्वर्णिम सफलता हासिल की लेकिन इस दिन सबसे अधिक स्पॉटलाइट में देवांशी रहीं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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