केआईवाईजी (जिम्नास्टिक) : अदिती और डे ने महाराष्ट्र के लिए बटोरे पदक

0
36

अदिती दांडेकर और एरीक डे ने यहां जारी खेलो इंडिया यूथ गेम्स (केआईवाईजी)-2019 के पांचवें दिन रविवार को जिम्नास्टिक के अंडर-21 वर्ग में मेजबान महाराष्ट्र के लिए जमकर पदक बटोरे। अदिती और डे के शानदार प्रदर्शन के दम पर महाराष्ट्र 18 पदकों (नौ स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य) के साथ जिम्नास्टिक स्पर्धा में अपने घरेलू दर्शकों के सामने चैम्पियन बनने में सफल रहा।

मेजबान महाराष्ट्र के लिए अदिती ने बाल और रिबन में दो स्वर्ण सहित चार पदक जीते। उन्होंने शुक्रवार को रिदमीक जिम्नास्टिक में भी पदक जीते थे और अब उनके कुल पांच पदक हो गए हैं।

रविवार को रिदमीक के हूप स्पर्धा में तेलंगाना की मेघना रेड्डी 11.05 के स्कोर के साथ स्वर्ण जीतने में कामयाब रहीं जबकि अदिती ने 10.45 के साथ रजत और दिल्ली की मेहकप्रीत कौर 10.35 के साथ कांस्य पदक अपने नाम की।

अदिती ने व्यक्तिगत बाल में 12.65 के स्कोर के साथ स्वर्ण और व्यक्तिगत रिबन में 12.15 के स्कोर के साथ दो स्वर्ण पदक जीते।

एरीक ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र की झोली में दो और पदक डाले। उन्होंने व्यक्तिगत हारीजोंटल बार में 12.25 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक और व्यक्तिगत पैरल बार्स में 12.30 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता।

उत्तर प्रदेश के अग्निवेश पांडे ने पैरल बार्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए 12.45 का स्कोर किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

पांडे अपने राज्य के सबसे सफल खिलाड़ी रहे। उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत उत्त्तर प्रदेश ओवरआल पदक तालिका में पश्चित बंगाल (11 पदक) के बाद तीसरे नंबर पर रहा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleस्मिथ बीपीएल से बाहर, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने में हो सकती देरी
Next articleपीडब्ल्यूएल-4 : मुंबई के साथ मैच से खिताब बचाओ अभियान की शुरुआत करेगा पंजाब
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here