केवीबी ने सेना कल्याण फंड के लिए 5 करोड़ रुपये दिए

0
53

करूर वैश्य बैंक (केवीबी) ने सेना कल्याण सीएसआर फंड में पांच करोड़ रुपये की राशि का योगदान दिया है।

बैंक की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिकी पहल के हिस्से के रूप में, हाल ही में नई दिल्ली में बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ पी आर शेषाद्रि द्वारा सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को राशि सौंपी गई।

शेषाद्रि ने सेना प्रमुख को बताया कि यह योगदान हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि हम एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और पूर्ण जीवन का नेतृत्व करते हैं, सेना के उत्कृष्ट योगदान के लिए बैंक की वास्तविक सराहना का एक चिन्ह था।

जनरल रावत ने बैंक को उसके भाव के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह राशि भारतीय सेना द्वारा पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और उनके बच्चों और आश्रितों के कल्याण के लिए शुरू की गई परियोजनाओं के समर्थन में एक लंबा रास्ता तय करेगी।

करूर वैश्य बैंक शिक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवा, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के क्षेत्रों में अपनी कॉपोर्रेट सामाजिक जिम्मेदारियों के हिस्से के रूप में कई पहलों का समर्थन कर रहा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleकुछ इस अंदाज में कप्तान कोहली ने रवि शास्त्री को किया बर्थडे विश
Next articleबीएमडब्ल्यू की नई 2019 X5 SAV सेगमेंट की है वाहन, जानिए बड़ी खासियत
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here