यहां पर कुवारी लड़किया राजा के सामने करती है नंगा नाच, वजह जानकर रह जाओगे हैरान

0

दोसतों, आज भी कई देश ऐसे हैं जहां पर राजाओं को राज चलता हैं आज हम आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर अजीबोगरीब कानून हैं । आज हम आपको स्वाजीलैंड के बारे में बताने जा रहे हैं मगर अब इसका नाम बदलकर द किंगडम आफ इस्वातिनी रख दिया गया है ।

बताया जा रहा है कि, यह देश अपने अजीबोगरीब फेस्टिवल के लिए फेमस है। दरअसल, यहां हर साल अगस्त-सितंबर महीने में महारानी की मां के शाही गांव लुदजिजिनी में ‘उम्हलांगा सेरेमनी’ फेस्टिवल होता है । इस फेस्टिवल में 10 हजार से ज्यादा कुंवारी लड़कियां और बच्चियां शामिल होती हैं । बता दें कि, फेस्टिवल के दौरान कुंवारी लड़कियां राजा के सामने डांस करती हैं वो भी बिना कपड़ों के ताकि राजा को उनमें से कोई एक लडकी पंसद आ जाए और राजा उसे अपनी रानी बना लें ।

 

SHARE
Previous articleइस खिलाड़ी ने किया चौंकाने वाला खुलासा , दक्षिण अफ्रीका दौरे पर दिखे थे कोरोना वायरस के लक्षण
Next articleलार का इस्तेमाल बैन होने के बाद परेशान हुआ यह भारतीय तेज गेंदबाज, दिया अब बड़ा बयान
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here