कृपाशंकर की विनती, कुश्ती महासंघ ने किया माफ, हटाया निलंबन

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भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने कोच कृपाशंकर की अपील पर सुनवाई करते हुए उन पर लगाए गए छह साल के निलंबन को शनिवार को वापस ले लिया और सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया।

डब्ल्यूएफआई ने कृपाशंकर को सोशल मीडिया पर संघ की तुलना खच्चर से करने पर छह साल का प्रतिबंध लगाया था जिसे कृपाशंकर ने डब्ल्यूएफआई की अनुशासन समिति से अपील करते हुए अपने ऊपर लगे निलंबन को वापस लेने की गुहार लगाई थी जिस पर महासंघ ने सुनवाई करते हुए 11 महीने बाद उन पर से निलंबन वापस ले लिया और उन्हें दोबारा ऐसा करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।

डब्ल्यूएफआई ने एक पत्र में बिश्नोई से कहा, “भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की अनुशासनात्मक समिति ने आपके द्वारा किए गए निवेदन पर विचार विमर्श किया तथा आपकी उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए समिति ने आपको माफ करने का निर्णय लिया है। डब्ल्यूएफआई आशा करता है कि आप भविष्य में डब्ल्यूएफआई के खिलाफ नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करेंगे तथा न ही डब्ल्यूएफआई की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास करेंगे।”

पत्र में लिखा, “डब्ल्यूएफआई हमेशा से देश में कुश्ती को बढ़ावा देने की ओर अग्रसर है। यदि आपको डब्ल्यूएफआई में कोई कमी महसूस होती है तो आप अपने विचार डब्ल्यूएफआई के सामने रख सकते हैं।”

कृपाशंकर ने 12 सितंबर 2017 को अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय संघ संयुक्त विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने खेल के नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, लेकिन भारतीय कुश्ती संघ ने इस सिलसिले में आधे-अधूरे और अधकचरे नियमों को लागू किया है।

इतना ही नहीं कृपाशंकर ने विवादास्पद फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि क्या आपको पता है कि गुजरात में कच्छ के रण में एक अनोखा प्राणी पाया जाता है, जो न गधा है, न घोड़ा है, दोनों के बीच का खच्चर है। जी हां, भारतीय कुश्ती संघ ने भी कुछ इसी तरह खच्चर जैसा फैसला कुश्ती के नियमों को लेकर किया है।

कृपाशंकर बिश्नोई ने इस पर कहा, “निलंबन समाप्ति पर मैं बहुत खुश हूं, कुश्ती मेरी जिन्दगी है और मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मुझे मेरी जिन्दगी मिल गई हो। नानावटी जी की अनुशासन समिति को मैं दिल से धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरी भावना को समझते हुए मुझे चेतावनी के साथ माफ करने का फैसला लिया। मेरे लिए यह एक अविश्वसनीय उपहार है जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता। धन्यवाद भारतीय कुश्ती संघ।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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