कोविड राहत : आरबीआई ने एमएसएमई ऋण पुनर्गठन की योजना पेश की

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को एक योजना पेश की, जिसके जरिए संकटग्रस्त एमएसएमई लेनदार अपने ऋण को पुनगर्ठित करने के पात्र होंगे, जिनके खाते एक मार्च, 2020 तक ‘स्टैंडर्ड’ की श्रेणी में डाले जा चुके हैं।

इसके अनुसार, एमएसएमई के जिन मौजूदा ऋण को स्टैंडर्ड की श्रेणी डाला गया है, उन्हें संपत्ति वर्गीकरण में डाउनग्रेड किए बगैर पुनर्गठित किया जाएगा।

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति पर एमपीसी के निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “ऐसे एमएसएमई जो एक जनवरी, 2020 को डिफाल्ट लेकिन स्टैंडर्ड थे, उनके लिए एक पुनर्गठन प्रारूप पहले से मौजूद है।”

उन्होंने कहा, “योजना ने बड़ी संख्या में एमएसएमई को राहत मुहैया कराई है। चूंकि कोविड-19 के कारण सामान्य कामकाज और नकदी प्रवाह लगातार बाधित है, लिहाजा एमएसएमई सेक्टर को महत्व मिला है, और इसे अतिरिक्त मदद की जरूरत है।”

आरबीआई गवर्नर के अनुसार, यह पुनर्गठन 31 मार्च, 2021 तक लागू करना होगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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