भारत में कोविड मामलों का आंकड़ा इस हफ्ते 10 लाख पार कर जाएगा : राहुल

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देश में कोरोनावायरस की स्थिति से निपटने को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि इस हफ्ते देश में कोरोना मामलों का आंकड़ा 10 लाख पार कर जाएगा।

राहुल ने एक समाचार रिपोर्ट को संलग्न करते हुए ट्वीट किया, ” इस हफ्ते हमारे देश में आंकड़ा 10,00,000 पार कर जाएगा।”

रिपोर्ट में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि अगर सरकारें अधिक निर्णायक कार्रवाई करने में विफल रहती हैं, तो कोविड -19 महामारी ‘बद से बदतर’ होगा।

बीबीसी के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. ट्रेडोस एडनॉम गेब्रियेसस ने सोमवार को कहा, “कई देश कोरोना से निपटने के मामलों में गलत दिशा में जा रहे हैं।”

केंद्र द्वारा देश में महामारी की स्थिति से निपटने को लेकर राहुल गांधी केंद्र सरकार के आलोचक रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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