कोविड-19 : श्रीनगर में 8 पॉजिटिव मामलों में 7 धार्मिक सम्मेलन से संबंधित

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श्रीनगर जिले में शुक्रवार को जिन आठ लोगों कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उनमें से सात केरल में हुई एक धार्मिक सभा में शामिल हुए थे। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने ट्वीट किया, “आज पॉजिटिव आए लोगों में सात लोग एक धार्मिक सम्मेलन के सदस्य हैं, जिन्हें 27 मार्च को आइसोलेट किया गया था। यह हमारे प्रतिबद्ध कार्य का एक प्रमाण है।”

श्रीनगर के डीएम शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा, “श्रीनगर में आज आठ कोरोना पॉजिटव लोगों का सामने आना परेशान करने वाला लगता है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह ऐसे लोगों को ढूढ़ने की एक क्लासिक सफल कहानी है।”

सूत्रों ने कहा कि आज जो लोग पाजिटिव आए हैं, उनमें से सात लोग एक स्थानीय तब्लीगी जमात के सदस्य के साथ आए थे, जिसे भी पॉजिटिव पाया गया है।

जम्मू एवं कश्मीर में आज कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 207 हो गई है। इनमें से 39 जम्मू संभाग से और 168 कश्मीर संभाग के है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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