कोविड-19 ने एक नई कल्पना के लिए अवसर प्रदान किया : राहुल गांधी

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2006 के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और बांग्लादेश ग्रामीण बैंक के संस्थापक मुहम्मद यूनुस के साथ अपनी बातचीत में शुक्रवार को कहा कि नोवेल कोरोनावायरस महामारी ने एक नई कल्पना के साथ ही वापस ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर जाने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी अर्थव्यवस्था के लिए कुछ गंभीर समस्याएं हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर जाने का रास्ता खुला है।

कांग्रेस नेता से बात करते हुए यूनुस ने कहा, मैंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने अचानक पूरी आर्थिक मशीन को रोक दिया है। अब पूरा जोर इस बात पर आ रहा है कि आप जिस जगह से आए हैं, वहां कितनी जल्दी वापस जा सकते हैं।

यूनुस ने कहा कि केवल पूंजी आधारित और ग्लोबल वामिर्ंग के साथ उस दुनिया में क्यों वापस जाना है, जिसमें धन बहुत कम लोगों के पास रहा है। अधिकांश लोगों का उस धन से कोई लेना-देना नहीं रहा है। यह आपदा अवसर की तरह लेने का मौका है, जिसमें अर्थव्यवस्था की धुरी केवल शहर ही न हों, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी बराबर की हिस्सेदार हो।

उन्होंने कहा कि वापस जाना हानिकारक होगा और कोरोना ने आपको कुछ नया करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लेने का समय है।

केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ग्रामीण बैंक के संस्थापक से बात करते हुए कहा, यह एक पूरी तरह से पश्चिमी मॉडल है जिसे हमने लॉक स्टॉक और बैरल को अपनाया है। इस मॉडल में गंभीर समस्याएं हैं। इस मॉडल में गंभीर विरोधाभास हैं, जो पर्यावरण और समाज को नष्ट कर देता है।

राहुल गांधी ने कहा कि हमें अपनी पारंपरिक संरचनाओं के बारे में सोचने की जरूरत है। उन्होंने ग्रामीणों के उत्थान पर जोर दिया।

ग्रामीण बैंक के संस्थापक ने माना कि नई प्रणाली बनाने का समय आ गया है।

राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान प्रवासी मजदूरों के संकट से निपटने के लिए सरकार पर लगातार निशाना साध रहे कांग्रेसी नेता ने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है। उन्होंने यह भी कहा कि सूक्ष्म उद्यमी अचानक फंसे हुए पाए गए।

राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने लोगों को दर्द से गुजरते देखा है। उन्होंने प्रभावित लोगों की तुरंत देखभाल और उन्हें नकदी मुहैया कराने पर जोर दिया।

राहुल गांधी कोरोना संकट के दौर में अलग-अलग क्षेत्र की हस्तियों और विशेषज्ञों के साथ चर्चा करते रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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