कोविड-19 : पंजाब में भारी पड़ेगी दिशा-निर्देशों की अनदेखी

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पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सख्त रवैया अपनाते हुए गुरुवार को लोगों को मास्क पहनने और कोविड -19 के खिलाफ सावधानियों का पालन न करने पर जुर्माना लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एक ट्वीट में जानकारी दी, मुझे दुख है कि मास्क पहनने और कोविड के खिलाफ अन्य सावधानियों का पालन नहीं करने के लिए हमें अपने लोगों पर फाइन लगाने की जरूरत है।

सरकार अकेले कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई नहीं जीत सकती है और मैं सभी का समर्थन चाहता हूं। किसी भी फ्लू जैसे लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत अपने चिकित्सक को दिखाएं।

राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, जबकि घर में क्वारंटीन के निदेशरें का उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के लिए जुर्माना 500 रुपये है।

उल्लंघनकर्ता द्वारा जुर्माने का भुगतान न करने पर, आईपीसी की धारा 188 के तहत महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत बनाए गए नियमों के अनुसार उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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